अमेरिका ने गुरुवार को कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चयन करने का हक चीन सरकार को नहीं, बल्कि तिब्बती बौद्धों के पास है। इस प्रक्रिया को पूरा करने में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगे आना चाहिए। संगठन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम के विशेष राजदूत सैम ब्राउनबैक ने संवाददाताओं से कहा, “अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह स्पष्ट होना चाहिए कि दलाई लामा का उत्तराधिकारी निर्धारित करने का अधिकार चीन सरकार के पास नहीं है। इसका निर्धारण तिब्बती बौद्धों द्वारा होना चाहिए।”
ब्राउनबैक ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र को इस मामले को तत्परता से उठाने की जरूरत है। यूरोपीय देशों की जो भी सरकार धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के बारे में परवाह करती है, उन्हें इस मुद्दे पर बोलना चाहिए। मुझे लगता है कि यह ऐसा मुद्दा है जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को साफगोई से सामने आना चाहिए। साथ ही उन्हें इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए।”
चीन अमेरिका पर आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाता रहा है
ब्राउनबैक अक्टूबर में धर्मशाला का दौरा किया था और दलाई लामा से मुलाकात की थी। चीन अमेरिका पर लगातार आंतरिक मामलों में दखलंदाजी का आरोप लगाता रहा है। चीन का कहना है कि तिब्बत उसका अभिन्न हिस्सा है। चीन की इस प्रतिक्रिया पर ब्राउनबैक ने कहा, “मैं चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की बात को पूरी तरह खारिज करता हूं। यहां पर कई ऐसे लोग दलाई लामा का अनुसरण करते हैं, जो चीन में नहीं रहते। दलाई लामा पूरी दुनिया द्वारा सम्मान के हकदार हैं। लिहाजा उनका उत्तराधिकारी उन्हीं के समुदाय द्वारा चुना जाना चाहिए